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शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाना चाहिठकि नहीं : जानिठडायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने से जà¥à¥œà¥€ सारी बातें
कà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खा सकते हैं?
जी हाà¤, शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन कर सकते हैं। इस समय पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद मिल सकती है। इस समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में किठगठशोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कम करने का काम कर सकता है। साथ ही पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है, जो डायबिटीज को मैनेज करने में सहायक हो सकता है।
डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने के फायदे
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठपà¥à¤¯à¤¾à¤œ फायदेमंद होते हैं, जिससे डायबिटीज के लकà¥à¤·à¤£ से राहत मिल सकती है। डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने के फायदे कà¥à¤› इस तरह से हैं।
पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤°
डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने के फायदे पाचन को बेहतर करने के लिठहो सकते हैं, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ सहायक हो सकते हैं। दरअसल, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में फाइबर होता है, जो पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बेहतर कर सकता है। सीडीसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के कारण गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ (Gastroparesis) की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है, जिसमें पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। यह मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीजों में काफी सामानà¥à¤¯ है। à¤à¤¸à¥‡ में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं। वहीं, हम पहले ही बता चà¥à¤•े हैं कि पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में फाइबर होता है जो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उपयोगी साबित हो सकता है।
वजन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करे
डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने के फायदे में वजन कम करना à¤à¥€ शामिल है। हमने पहले ही जानकारी दी है कि पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। वहीं, फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ लंबे समय तक पेट को à¤à¤°à¤¾ महसूस करा सकता है। इससे अतिरिकà¥à¤¤ आहार सेवन से बचा जा सकता है। इसके आलावा, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में कà¥à¤µà¥‡à¤°à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¨ (Quercetin) नामक पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट कंपाउंड होते हैं, जो à¤à¤‚टी-ओबेसिटी गà¥à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ कर सकता है। इससे मोटापे का जोखिम कम हो सकता है।
ऊरà¥à¤œà¤¾ बà¥à¤¾à¤
डायबिटीज के मरीज को थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, जिससे राहत दिलाने में à¤à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन मददगार हो सकता है। रिसरà¥à¤š की मानें, तो पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में इनà¥à¤²à¤¿à¤¨ (à¤à¤• तरह का फाइबर) मौजूद होता है, जो धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक ऊरà¥à¤œà¤¾ को बनाठरखता है। इससे डायबिटीज के दौरान होने वाली थकान से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिल सकता है।
यूरिन टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से राहत
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में यूरिन से गà¥à¤²à¥‚कोज़ निकलता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के पनपने का कारण बन सकता है। इससे यूरिन टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने का जोखिम बॠजाता है। à¤à¤¸à¥‡ में शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ लेने पर इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत मिल सकती है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को नषà¥à¤Ÿ करने में या उससे बचाव में सहायक हो सकते हैं।
आà¤à¤–ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखे
डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रकà¥à¤¤ शà¥à¤—र बà¥à¤¨à¥‡ के कारण आà¤à¤–ों को नà¥à¤•सान होने का जोखिम ब ॠजाता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है, जो शà¥à¤—र लेवल को बà¥à¤¨à¥‡ नहीं देता है। वहीं, बà¥à¥‡ हà¥à¤ शà¥à¤—र सà¥à¤¤à¤° का असर आंखों पर à¤à¥€ पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के सेवन से हाई बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज़ लेवल को नॉरà¥à¤®à¤² रखा जा सकता है और आंखों से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ के जोखिम को कम किया जा सकता है।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बेहतर करे
डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने के फायदे रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठà¤à¥€ हो सकता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में विटामिन-सी की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बेहतर कर सकता है। साथ ही पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में सेलेनियम à¤à¥€ पाया जाता है, जो इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। इससे डायबिटीज के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत मिल सकती है।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट
शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने से फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ और उससे होने वाले जोखिम को दूर रखने में मदद मिल सकती है। रिसरà¥à¤š की मानें, तो पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाठजाते हैं, जो शरीर को फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ से होने वाले नà¥à¤•सान से बचाव कर सकते हैं। बता दें कि फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का कारण बन शरीर की कोशिकाओं को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चाकर कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है, जिसमें से à¤à¤• डायबिटीज à¤à¥€ है। à¤à¤¸à¥‡ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ के जोखिम को कम करने के लिठà¤à¤‚टी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट यà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिà¤
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ हृदय सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को à¤à¥€ बेहतर करने का काम कर सकता है। दरअसल, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡ पाया जाता है, जो खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² (LDL) को कम कर सकता है। इससे हृदय रोग होने के जोखिम को दूर रखा जा सकता है।
डायबिटीज में कब और कितना पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाना चाहिà¤?
कब खाà¤à¤‚ :
डायबिटीज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने का कोई निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤ समय नहीं होता है। इससे सà¥à¤¬à¤¹ के नाशà¥à¤¤à¥‡ में, दोपहर के लंच में या शाम के सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ में खा सकते हैं। इसे रात में लेने से बचना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤•ि इससे हारà¥à¤Ÿà¤¬à¤°à¥à¤¨ होने का जोखिम बॠजाता है।
कितना खाà¤à¤‚ :
डायबिटीज के मरीज à¤à¤• दिन में 100 g (à¤à¤• मधà¥à¤¯à¤® आकार ) पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन कर सकते हैं। फिर à¤à¥€ डायबिटीज के मरीज आहार में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को शामिल करने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर बात कर लें। खासकर, वे जिनमें डायबिटीज के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ हों या पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को खाने में कैसे शामिल करें?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठपà¥à¤¯à¤¾à¤œ को आहार में कई तरह से शामिल किया जा सकता है। इसे आहार में शामिल करने के कà¥à¤› तरीके इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को सबà¥à¤œà¥€ बनाने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को सलाद के रूप में à¤à¥€ ले सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस को निकालकर जूस के रूप में ले सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का दोसा में यानी अनियन डोसा बनाकर à¤à¥€ खा सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को छोटे टà¥à¤•ड़ो में काटकर सूप या रायता में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के अनियन रिंगà¥à¤¸ सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के तौर पर खा सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का उपयोग लगà¤à¤— सà¤à¥€ के रसोई में किया जाता है। वहीं, शà¥à¤—र में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाना चाहिठकि नहीं, इस बà¥à¤²à¥‰à¤— को पà¥à¤¨à¥‡ के बाद आपकी यह उलà¤à¤¨ तो काफी हद तक कम हो गई होगी। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठपà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन काफी उपयोगी हो सकता है। यह शà¥à¤—र की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª साबित हो सकता है। इतना ही नहीं, यह मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है। नियमित रूप से पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन करने से शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे कि डायबिटीज को मैनेज किया जा सकता है। इसके आलावा, डायबिटीज को मैनेज करने के लिठPhablecare की à¤à¥€ मदद ले सकते हैं।
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